मैं और बाबा साहब आंबेडकर
कुछ लोग तस्वीर पहनते हैं, कुछ लोग विचार। मैं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर को पहनता नहीं — जीता हूँ। बाबा साहब: एक विचार, एक यात्रा जब मैंने पहली बार बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनी और खुद को आईने में देखा, तो वह सिर्फ़ एक पहनावा नहीं था। वह मेरे विचारों की पहचान थी। यह बताने का एक छोटा-सा प्रयास था कि मैं किस सोच के साथ खड़ा हूँ — समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय की सोच के साथ। मेरे लिए बाबा साहब कोई दूर की ऐतिहासिक हस्ती नहीं हैं, बल्कि वे हर उस व्यक्ति की आवाज़ हैं जिसने अन्याय सहा, लेकिन झुका नहीं। विचार से प्रेरित पहनावा, और पहनावे से आगे एक विचार बहुत से लोग पूछते हैं — “टी-शर्ट पहन लेने से क्या बदल जाएगा?” मैं मानता हूँ, सिर्फ़ टी-शर्ट से कुछ नहीं बदलता। लेकिन विचारों को अपनाने से बदलाव शुरू होता है । समानता और सामाजिक न्याय के विचारों के साथ — बाबा साहब आंबेडकर से प्रेरणा जब मैं बाबा साहब की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनता हूँ, तो वह मुझे हर पल याद दिलाती है कि: मुझे चुप नहीं रहना है मुझे पढ़ना है मुझे सवाल पूछने हैं और ज़रूरत पड़े तो व्यवस्था के सा...