जब बुनियाद ही जर्जर तो दुनिया से कैसे कदमताल मिलाया जा सकता है ? #GroundReality

हमारे आम आदमी अधिकार संगठन के whatsapp group में अक्सर ये बहस छिड़ जाती है की क्या हुआ मिन्हाज़ तेरा वादा वो कसम वो इरादा ?

मैं हर बार मुस्कुरा देता हूँ।

इस देश में हर महीने कहीं न कहीं कोई न कोई चुनाव चल रहा होता है. अभी हम महीने भर पहले बिहार के विधानसभा चुनाव से निपटे ही हैं, अब कुछ महीने में बिहार के पंचायत लोकल इलेक्शन की आहट हो जाएगी. 

बदलाव की हर एक बात इस देश में अंततोगत्वा चुनाव पर ही जाकर रूकती है. हमारे साथी सह मित्र नवल किशोर सिंह जी अभी वर्तमान में बौरना पंचायत के सरपंच हैं, और मैंने पुरे जी-जान से नवल जी को सरपंच बनाने के लिए 2021 के पंचायत चुनाव में लड़ाई लड़ी क्योंकि मैं जानता हूँ ये आदमी भले 100 परसेंट रिजल्ट ना दे सके मगर 60 प्रतिशत- 70 प्रतिशत तो दे ही जायेगा इतना मुझे अपने दोस्तों की काबिलियत पर भरोसा है. 

क्यों मैंने नवल किशोर सिंह का साथ दिया

Nawal Kishor Singh with villagers during ground-level discussion on panchayat issues in Borna village, Khagaria Bihar
बौरना गाँव में GN बाँध के मुद्दों पर ग्रामीणों के साथ रिपोर्ट बनाते हुए सरपंच नवल किशोर सिंह — जहाँ ज़मीन से जुड़ी राजनीति की असली तस्वीर दिखाई देती है।
हमारे साथी और सह-मित्र नवल किशोर सिंह आज बौरना पंचायत के सरपंच हैं। 2021 के पंचायत चुनाव में मैंने पूरे जी-जान से उनका साथ दिया।

क्यों?

क्योंकि मैं जानता था—

शायद वे 100% रिज़ल्ट न दे पाएं,

लेकिन 60–70% ईमानदार काम तो ज़रूर करेंगे।

इतना भरोसा मुझे अपने दोस्त की नीयत और काबिलियत पर था।

  • पुरे खगड़िया जिला का एकलौता सरपंच है हमारा नवल किशोर जिसके ऊपर इन साढ़े 4 साल में कोई भी भ्रष्टाचार के एक आरोप तक ना लगा सका. क्या ये कोई छोटी बात मानी जानी चाहिए ?? लोग फर्जी आरोप भी लगाते हैं लेकिन उन फर्जी आरोप के पीछे भी कहीं न कहीं कोई न कोई धुंआ रहता है. नवल किशोर सिंह जी का सार्वजानिक जीवन इतना पारदर्शी है की कोई झूठा इल्जाम भी नहीं लगा सका है की बौरना सरपंच किसी का एक पैसा खाए हैं!!
    आप इसे जैसे मानें, मैं ये मानकर इसको बहुत बड़ी सफलता मानता हूँ की ऐसे आदमी आज राजनीति में मिलना दुर्लभ है. 
  • वादे:- जो वादे नवल जी की तरफ से अभी तक पुरे नहीं हो सके हैं वो एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाने का वादा. जब छीछालेदर करने का कोई तरीका नहीं मिल रहा तो ले देकर एम्बुलेंस-एम्बुलेंस पर टोंट मारकर तो आप अपनी हंसी उडवाते हैं. क्या कोई ऐसा दिन है ऐसा कोई सार्वजानिक मंच रहा जहाँ नवल जी ने खुद से ही अपने इस वादे पर अभी क्या स्थिति है वो चर्चा ना की हो ??
मैं ये मानता हूँ की अगर किसी प्रतिनिधि ने अपने किये वादे में से 80 प्रतिशत भी वादा निभाया है और उसमे भ्रष्टाचार-कदाचार रहित उनका ये रिकॉर्ड है जिसपर कोई ऊँगली नहीं उठा सकता तो हमें ऐसे व्यक्ति, ऐसे जन-प्रतिनिधि का टांग खींचने के बजाय उनको सपोर्ट करते हुए उनको आगे बढ़ाना चाहिए.

कुछ सवाल जो आप खुद से पूछिये-

  1. क्या बौरना की जर्जर सड़के सरपंच के अधिकार क्षेत्र में आती हैं ??
  2. कौन है इस आमों के बगान वाले गाँव की जर्जर, जानलेवा सड़कों का जिम्मेदार ?
  3. जिनकी जिम्मेदारी है सडको को दुरुस्त करने की, इमानदारी से भ्रष्टाचार रहित सड़क बनाने की उनके ऊपर क्यों नहीं किसी ने ऊँगली उठायी, उनलोगों के खिलाफ क्यों नहीं कोई धरना प्रदर्शन हुआ ?
  4. मिन्हाज़ क्या है ? क्या मिन्हाज़ कोई मुखिया है? क्या मिन्हाज़ कोई सरपंच है, वार्ड है, विधायक है, मेयर है सांसद है ??? अगर हाँ तो लगाओ मिन्हाज़ को जूते-चार मिन्हाज़ उ़फ भी नहीं करेगा.
अरे मिन्हाज़ भी तो तुम्हारे तरह ही आम आदमी है जनता है. फर्क बस ये है की मिन्हाज़ तुमलोगों की तरह गलत पर मुंह बंद करके नहीं रहता बल्कि गलत पर हल्ला बोल देता है तो तुमलोग मुझे ही मुखिया समझ मुझसे सवाल करते रहते हो ये क्यों नहीं हुआ वो क्यों नहीं हुआ !!

आइना हो घर में तो कभी आइना देख लेना एक बार !

नमस्कार, सलाम, आदाब. अभी बस यहीं तक!
-मैं मिन्हाज़ !

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