70 साल की लड़ाई-आखिर कबतक बिजली सड़क के लिए ही जनता को आंदोलन करना होगा? #MinhazAsks

पिछला पोस्ट- आजादी के 70 साल बाद भी बिजली पानी सड़क के लिए ही लड़ते रहेंगे ? #MinhazAsks में आपने पढ़ा की कैसे बुनियादी जरुरत के लिए भी हमें आज भी आंदोलन ही करना पड़ता है चाहे वो मुख्य मार्ग से गाँव को जाने वाली सड़क के लिए हो या फिर अन्दर के इलाके की सडकों की जरुरत हो या फिर किसी भी कोने का, बिना हल्ला-बोल किये ये भ्रष्ट व्यवस्था,  भ्रष्ट नेता टस से मस भी नहीं होते. 

तस्वीर 1: खगड़िया जिला के अन्य क्षेत्र के लोग भी इस आन्दोलन को समर्थन देने पहुंचे. अभिशांक कुमार सानु जी से इस आन्दोलन में हमारी जानपहचान हुई. तिनका-तिनका जुटना शुरू हो चूका है!

जुलाई 2024 में हमने आंदोलन करने का विचार बना लिया जिसके मुख्य बिंदु था-

  • बिजली की समस्या
  • जमींदारी बाँध को उंचा कर उसपर दो स्लुज़ (sluice) गेट का निर्माण
  • जलनल योजना के अंतर्गत बने जलमीनार से पेयजल आपूर्ति अविलम्ब शुरू करना
  • राशनकार्ड बनाने में घूसखोरी पर लगाम और दलालों को इससे बाहर करना
  • इंदिरा आवास में घूसखोरी पर पूरी तरह से लगाम
  • शौचालय निर्माण ने घूसखोरी पर लगाम
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की मिन्हाज़ ने मीडिया से बात करते हुए इस आन्दोलन की भूमिका और रुपरेखा बताते हुए क्या सब कहा-

जागरूक न्यूज़ संवाददाता- अगर कल जो आपलोगों का धरना-प्रदर्शन है, इस पर भी बात नहीं बनी, तो आगे आप लोग क्या करेंगे?

मिन्हाज़- अगर इस पर बात नहीं बनती है, लेकिन मुझे लगता है कि इतना दबाव बनेगा हमारे ऑफिशल्स पर, वो ज़रूर इस पर एक्शन लेंगे। फिर भी अगर उनके एक्शन में कोई कमी आई तो इस एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन को हम भूख हड़ताल में कन्वर्ट करेंगे

मीडिया-जनता का कैसा सहयोग है आप लोगों के साथ? 

मिन्हाज़- जनता का पूरा सहयोग है। हमने लाउडस्पीकर माइकिंग भी करवाई है। जनता का कहना है कि सबसे बड़ा मुद्दा बिजली का है। किसान का भी मुद्दा है। हमने बहुत कोशिश की कि वहाँ पोल लगवा दिया जाए। जेई से भी बात की लेकिन वो सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। किसान कहते हैं कि अगर बिजली का पोल लग जाए तो सिचाई आसान हो जाएगी। अभी वहाँ 200 रुपए घंटे के हिसाब से पानी मिल रहा है लेकिन अगर बिजली की सुविधा हो जाए तो वो बहुत सस्ता हो जाएगा।

और जो आदमी आवागमन करते हैं, उन्हें भी दिक्कत हो रही है क्योंकि रोड खराब है। हमने आरडब्ल्यूडी को भी लिखा है। वे लोग रिश्वत लेते हैं, इसलिए सड़क जल्दी टूट जाती है। हम डिमांड करेंगे कि डीपीआर के हिसाब से सड़क बने और समय-समय पर उसका मेंटेनेंस हो।

जागरूक न्यूज़ संवाददाता-  कल कितने बजे आपका कार्यक्रम शुरू होगा? 

मिन्हाज़- कल सुबह 10 बजे हम वहाँ पहुँच जाएंगे और जितने भी युवा हैं, चाहे वो गोगरी पंचायत के हों या और कहीं के, अगर उन्हें लगता है कि बिजली का मुद्दा महत्वपूर्ण है, तो उन्हें वहाँ आना चाहिए। यहाँ कोई नेता बनने की बात नहीं है, बस अपने हक की बात है। शुक्रिया सर, इंकलाब जिंदाबाद।

ये पूरा विडियो फेसबुक पर जागरूक न्यूज़ के पेज पर अवेलेबल है- विडियो का लिंक 

तस्वीर2 : स्थानीय मीडिया- जागरूक न्यूज़ प्रोटेस्ट के बाबत बुलाये गए प्रेस कांफ्रेंस को कवर करते हुए. रफ़्तार न्यूज़ के फेसबुक पेज का स्क्रीनशॉट जहाँ हमारे प्रेस कांफ्रेंस को अपलोड किया है.

आंदोलन सफल हो, इसमें जनता खुद से शामिल हो इसकी कमान सम्हाली हमारे मित्र एवं इमानदारी की मिसाल, सरपंच नवल किशोर सिंह जी ने और क्रन्तिकारी जहीर आलम जी ने.
6 जुलाई से ही लगातार नवल सिंह जी और ज़हीर आलम जी ने बोरना पंचायत, झिकटिया पंचायत, महेशखूंट पंचायत, बन्नी पंचायत एवं क्षेत्र के सभी पंचायत के गाँवों में खुद मोहल्ले-मोहल्ले जाकर बैठक कर आम लोगो को इस आंदोलन की गहराई बताई और उनसे इस आन्दोलन में शामिल होने का भरोसा लिया. और बांकी सारा दिन ई-रिक्शा से माइक के जरिये अनाउंसमेंट करते रहे.
तस्वीर 3: नवल किशोर सिंह और जहीर आलम पैदल गाँव-गाँव घूमकर लोगों को आंदोलन की जानकारी देते हुए और लोगों को आंदोलन में शामिल होने का आवाहन करते हुए. ai के द्वारा रिस्टोर की गयी तस्वीर.

फेसबुक के जरिये हम अपने सभी एक्टिविटी को लगातार अपडेट कर रहे थे, नवल जी और जहीर आलम जी की ये ग्राउंड कैंपेन की विडियो को यहाँ फेसबुक पर देखा जा सकता है-

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