AAAS कोर कमिटी मीटिंग: रजिस्ट्रेशन, ज़िम्मेदारियाँ और अगला कदम
आम आदमी अधिकार संगठन की कोर कमिटी मीटिंग में क्या तय हुआ? | 18 जनवरी 2026
यह लेख संगठन के इतिहास पर नहीं है।
यह उस मीटिंग पर है, जिसमें तय किया गया कि अब आगे क्या किया जाएगा।
18 जनवरी 2026 को हुई कोर कमिटी मीटिंग में
संगठन के रजिस्ट्रेशन और भविष्य की रणनीति पर स्पष्ट चर्चा हुई। मीटिंग की अध्यक्षता जहाँ रुपेश कुमार पासवान जी उर्फ़ रुपेश क्रातिकारी ने की वही मीटिंग के संयोजन की जिम्मेदारी नवल किशोर सिंह जी ने अपने कंधे पर ली थी।
📌 मीटिंग में लिए गए प्रमुख निर्णय
✔️संगठन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का निर्णय
✔️ संगठन का नाम “आम आदमी अधिकार संगठन” अंतिम रूप से स्वीकृत
✔️कोर कमिटी के पद और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से तय करने पर सहमति
✔️RTI, ज्ञापन और कानूनी प्रक्रियाएँ संगठन के नाम से आगे बढ़ाने का लक्ष्य
✔️संगठन को दीर्घकालिक और सुरक्षित ढांचे में बदलने की दिशा तय
🔹 जिम्मेदारियाँ तय की गईं:
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🧑⚖️ रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ समन्वय: मिन्हाज़ भारती
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📑 मीटिंग रिकॉर्ड और ड्राफ्ट: मयंक कुमार पोद्दार एवं रुपेश कुमार पासवान
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📣 जनसंपर्क और सूचना साझा करना: नवल किशोर सिंह
🗣️ कोर सदस्यों द्वारा रखे गए प्रमुख विचार
जहीर आलम ने प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कोर सदस्य की भूमिका केवल सक्रियता नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और सतर्कता भी मांगती है।
उन्होंने ज़ोर दिया कि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में घबराने के बजाय शांत दिमाग से निर्णय लेना ही संगठनात्मक सुरक्षा और प्रभावी संघर्ष का आधार है।
रूबी कुमारी, जो 2008 से ग्रामीण महिलाओं के साथ जमीनी स्तर पर कार्य कर रही हैं, ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
उन्होंने नशे से उत्पन्न सामाजिक समस्याओं, युवाओं पर इसके प्रभाव और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे विषयों पर जागरूकता और संगठित प्रयासों की आवश्यकता बताई।
(कोर कमिटी की मीटिंग में यह पहला अवसर था जब किसी महिला सदस्य ने इतने स्पष्ट और व्यावहारिक बिंदुओं के साथ एक रोडमैप प्रस्तुत किया।)
इसके अतिरिक्त, मिन्हाज़, रुपेश, ज्योतिष पासवान, नवल किशोर सिंह, मयंक कुमार पोद्दार और सौरभ पासवान सहित अन्य कोर सदस्यों ने संगठन की संरचना और आगामी कार्ययोजना को लेकर अपने सुझाव रखे।
मीटिंग में कुल 12–15 कोर सदस्य उपस्थित थे, जिनमें महिला सदस्यों में रूबी कुमारी और महज़बी शामिल रहीं।
⏱️ तय की गई समय-सीमा
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31 जनवरी 2026 तक प्रारंभिक रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ तैयार
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फरवरी 2026 (पहला सप्ताह) अगली कोर मीटिंग
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फरवरी 2026 में रजिस्ट्रेशन आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का लक्ष्य
आगे की दिशा
यह मीटिंग कोई औपचारिकता नहीं थी।
यह उस मोड़ का संकेत थी जहाँ संगठन
एक समूह से आगे बढ़कर संस्थागत लड़ाई की ओर कदम रख रहा है।
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| मीटिंग के तय समय से पहले जुटते कोर कमिटी के सदस्य आपस में हास्य-विनोद करते हुए. ai से कलर और वातावरण को enhance किया गया है. |
इस निर्णय तक पहुँचने की पूरी पृष्ठभूमि और संघर्ष की कहानी यहाँ पढ़ी जा सकती है:
👉 [6 साल की ज़मीनी लड़ाई के बाद: क्यों आम आदमी अधिकार संगठन को कानूनी पहचान ज़रूरी हो गई]
✍️ लेखक: मिन्हाज़ भारती


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