बेसिक नेसेसिटी को तरसता बिहार का गाँव: स्वच्छ पेयजल क्राइसिस
गंगा-जो सांस्कृतिक महत्त्व के साथ साथ सभ्यता को बनाने से लेकर बचाए रखने के लिए तक जरूरी है, उस गंगा से हमारे गाँव बोरना का सम्बन्ध कितना घनिष्ठ है ये इससे ही समझा जा सकता है की ये गाँव साल के 3 महीने गंगा के बाढ़ से जलमग्न रहता है. यानी ये गाँव में आपको पानी ही पानी देख कर आँखों में सुकून लेने का शौक हो तो हमारे गाँव आकर आप 3 महीने इस शौक का लुत्फ़ उठा सकते हैं!
बोरना- एक ऐसा गाँव जो की पानी-पानी में ही डूबा रहे 3 महीने, वो गाँव पीने के साफ़ पानी के लिए तरसता रहे क्या ये इस इल्जाम को साबित नहीं करता है की दुनिया के तरक्की कर रहे देशों के तुलना में हमारा भारत और भारत के गाँव कहाँ पर खड़े हैं?
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| तस्वीर:1. बोरना गाँव के नवटोलिया में लगे नल-जल संयंत्र का मुआयना करता मैं मिन्हाज़ अपने साथियों के साथ. कागजी कारवाई से फ़िलहाल तो विभाग में हड़कंप जैसा दिख रहा है. |
तस्वीर में दिख रहा जल संयंत्र जिसको बोलचाल की भाषा में जल-मीनार कहा जाता है ये हमारे बोरना पंचायत के वार्ड नंबर 11 नवटोलिया गाँव को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति करने के लिए सरकार द्वारा निर्मित किया गया तक़रीबन 2021-22 में. क्या आप मध्यप्रदेश में दूषित पानी के कारण हुई मौतों (जिसको मैं मिन्हाज़ मौत नहीं बल्कि हत्या घोषित करता हूँ) के दर्दनाक वाकये से अपडेटेड हैं ?
क्या आपका खून नहीं खौला इस बात से की आज 2026 में भी लोगों को गंदा पानी पीकर मरना पड़ रहा है? अरे सालों हरामखोर नेताओं सुबह जागने से लेकर रात सोने तक हमारे एक एक सांस पर टैक्स पर टैक्स वसूलकर अपने मरे हुए बाप से लेकर नाजायज पैदा किये हुए औलादों को लिए जाने कहाँ कहाँ ब्लैक मनी से लेकर बेनामी पेरोपेर्टी का पहाड़ खड़ा कर डाला है, हमारे लिए पीने का साफ़ पानी मुहैया कराने में अम्मा मर जाती है या तुम्हारी मौगी (लुगाई) किसी के साथ भाग जाती है?
तो क्या बोरना में भी जब दूषित पानी पीने से लाशें गिरने लगेंगी तब जाकर शाशन-प्रशासन टोर्च बत्ती लेकर संयंत्रों को सुधारने आएगा और कागज-कागज खेलेगा ??
आइये अगर आप मेरे गुस्से का कारण सही से समझना चाहते हैं तो मैं बिन्दुवार बताता हूँ-
- जल-नल योजना बिहार सरकार की नियमावली के अनुसार हर 15 दिन में पानी टंकी की सफाई होनी है.
- संयंत्र में लगे फ़िल्टर की सफाई और बेकवाश की जानी होती है जिससे फ़िल्टर सुचारू ढंग से काम करता रहे.
- ये बेकवाश डेली किया जाना चाहिए.
| तस्वीर:2. बोरना नवटोलिया वार्ड संख्या 11 जल संयंत्र के क्षतिग्रस्त फ़िल्टर की हालत! |
इस तस्वीर में देख सकते हैं की कुल 3 फ़िल्टर में से एक फ़िल्टर बुरी तरह से ना सिर्फ क्षतिग्रस्त है बल्कि उसके ऊपर का पेंट मलीन हो जाने से समझा जा सकता है की संयंत्र किस कदर देखभाल के अभाव और अनियमितता से गुजर रहा है!
हम लगातार इस समस्या के लिए सम्बंधित विभाग को लिख रहे हैं. मैंने कल दिनांक 7 जनवरी को इस बाबत सम्बंधित विभाग (PHED whatsapp complaint) को whatsapp के माध्यम से लिखित शिकायत दिया.
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| तस्वीर:3. PHED को मिन्हाज़ भारती द्वारा व्हाट्सएप द्वारा भेजी गयी शिकायत का स्क्रीनशॉट |
मुझे लगता है की जनता असहाय होने का अभ्यस्त हो चुकी है तभी जिस समस्या पर सड़कें गुलज़ार हो जानी चाहिए थी, उस समस्या पर सुन्न-सपट सन्नाटा पसरा हुआ है-की एक अकेला बस मिन्हाज ही आवाज उठाएगा एक अकेला मिन्हाज़ ही सबसे लड़ेगा हर भ्रष्ट नेता से, हर भ्रष्ट अधिकारी से हर भ्रष्ट तंत्र से !
एक अकेला मिन्हाज़ से कुछ नहीं होगा दोस्त. मिन्हाज़ कोई नेता नहीं है कोई सुपरमैन नहीं है. मिन्हाज़ एक नागरिक है. एक जागरूक नागरिक. और ऐसे मिन्हाज़ की फ़ौज चाहिए. अगर आपको प्राकृतिक मौत चाहिए और कम से कम दूषित पानी पीने से नहीं मरना चाहते तो इस रिपोर्टिंग पर ध्यान रखते रहिएगा, क्योंकि जबतक तोड़ेंगे नहीं तबतक छोड़ेंगे नहीं. लड़ाई जारी है...........
-मैं मिन्हाज़ !


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