दोस्तों, देश का तो नही कह सकता मगर इ स बिहार में भ्रष्टाचार, और काली कमाई का सबसे बड़ा कोई जरिया है मेरी नजर में तो यकीं मानिये वो सड़क है ! मैं मिन्हाज़ आज आपको रूबरू कराने जा रहा हूँ उस सड़क से जो कायदे से तो 5 साल तक चलनी चाहिए कम से कम, मगर 5 महीने भी चल जाये तो ठेकेदार को, अधिकारीं को, नेता को खुद पर शक होने लग जाये- "अरी साला, कहीं ढंग का तो सड़क नहीं बन गया ?" कायदे से जिस भ्रष्टाचार के लिए सभी जिम्मेदार ठेकेदार अधिकारी को लाइन से फांसी पर चढ़ा देना चाहिए था, कुर्की जब्त कर भरपाई होनी चाहिए थी, बिना किसी खौफ के सरकारी ट्रेजरी से फिर से कुछ महीने में मरम्मत के नाम पर पैसा जारी कर दिया जाता है. और अगर ऐसा ना भी हो तो, कौन सा सड़क कुछ मीटर का बनना है! 2 किलोमीटर 4 किलोमीटर के सड़क में कहीं कहीं भीषण वाला सड़क क्षतिग्रस्त रहता है जिसपर लाख आप जिम्मेदार विभाग को पत्र लिख दें, आंदोलन कर लें, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात ! महेशखूंट से बोरना को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क गोविन्दपुर में जिस जगह छतिग्रस्त है- उस पुरे हिस्से का सेटेलाईट एरियल इमेज. cordinate- 25.45260, 86.62519 ये सेटेलाई...
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