बोरना पंचायत में मुखिया की "राजशाही": बंद करो ये भ्रष्टाचार !
GN बाँध ग्राम-बोरना (खगड़िया) का नलकूप जो सालों से बंद पड़ा है, इसको ठीक करवाने और किसानों को सेवा मुहैय्या कराने की जिम्मेदारी किसकी होती है ?
आज दिनांक 8 दिसंबर 2025 को मैं अपने ब्लॉग पोर्टल के माध्यम से इस पूरी कहानी को लिखकर इसका दस्तावेजीकरण कर रहा हूँ ताकि आजकल के बच्चे और आने वाली नस्ल भी जान सकें की बुनियादी ढांचा क्या है और इस बुनियादी ढाँचे को किस शहंशाह की नज़र लगी हुई है?
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| बोरना नलकूप में मनमानी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कारवाई हेतू विभाग को शिकायत पत्र लिखते सरपंच NK Singh |
आज सरपंच नवल किशोर सिंह अपने लेटरहेड पर जिम्मेदार विभाग और अधिकारियों को फिर से पत्र लिख रहे हैं और तबतक मैं कुछ बेसिक जानकारी दे देता हूँ-
- गाँव- बोरना, पंचायत-बोरना, प्रखंड- गोगरी, जिला- खगड़िया, राज्य- बिहार. भारत देश का एक छोटा सा गाँव है हमारा, और जिला हमारा प्यारा खगड़िया.
- मुद्दा- स्टेट बोरिंग, या नलकूप.
किसानों को अपना खेत और फसल को सींचने के लिए, सस्ती सिंचाई मिले इसके लिए सरकार के द्वारा नलकूप की व्यवस्था की जाती है. ये WMRD यानी लघु जल संसाधन विभाग (Minor Water Resources Department) के अंतर्गत आता है.
राजकीय नलकूप योजना क्या है?
यह बिहार सरकार के लघु जल संसाधन विभाग (Minor Water Resources Department) द्वारा चलाई जाने वाली योजना है।
उद्देश्य: उन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा देना जहाँ नहरों का पानी नहीं पहुँचता।
कैसे काम करती है: सरकार अपने खर्च पर बड़े नलकूप (Tube wells) लगवाती है। ये नलकूप किसी एक किसान के नहीं, बल्कि पूरे समुदाय/गाँव के लिए होते हैं।
प्रबंधन: पहले इसका संचालन सीधे विभाग करता था, लेकिन अब विकेंद्रीकरण के तहत इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों मुखिया को सौंप दी गई है।
अब इन नलकूपों की चाभी और जिम्मेदारी पंचायत के पास होती है, इसलिए:
ऑपरेटर की नियुक्ति: ग्राम पंचायत/मुखिया को अधिकार होता है कि वे इसे चलाने के लिए एक 'ऑपरेटर' (चालक) नियुक्त करें।
अब किसानो की समस्या: अब किसानों की सारी समस्या यहाँ हो रहे खेला में है. बोरना ग्राम पंचायत मुखिया- यासमिन, ने अपने बेटे- नदीम हमजा को ही नलकूप का ऑपरेटर बना दिया है, लेकिन वह नलकूप चला नहीं रहा है। यह पद का दुरुपयोग और सरकारी सेवा में बाधा डालने का मामला है।

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